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आंवला एक धात्री फल है लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आंवले का मुरब्बा विद्यार्थियों के लिए बहुत फायदेमंद है ।यदि मुरब्बा ना मिले तो केवल हरे आंवले के बारीक टुकड़े करके या कद्दूकस करके शहद के साथ सेवन करना भी लाभप्रद है । इससे पुराने कब्ज, वह पेट के रोगों में भी अभूतपूर्व लाभ होता है आंवला खाने से मस्तिष्क की शक्ति और कार्यक्षमता बढ़ती है चिड़चिड़ापन दूर होता है। इसमें विटामिन सी ए, कैल्शियम, लोहा का अनूठा संगम है। 100 ग्राम आंवले के गुदे में 720 मिलीग्राम विटामिन सी ,15 आइ.यू. विटामिन ए ,50 ग्राम कैल्शियम ,1.2ग्राम लोहा पाया जाता है। आंवला ही एक ऐसा फल है जिसे पकाने या सुखाने पर भी इसके विटामिन नष्ट नहीं होते हैं ।संस्कृत में कहा गया है कि आंवला फल में 100 से भी अधिक गुण होते हैं ,इसीलिए इसे धात्री फल भी कहा जाता है जिस तरह मां के बाद धाई का स्थान बहुत ऊंचा होता है ,वैसा ही गुण इस आंवले में है। प्रत्येक घर में आंवले के मौसम में इसको जूस निकालकर अथवा मुरब्बा बना कर अथवा अन्य किसी भी प्रकार से नित्य प्रति दो से तीन और आंवले का सेवन करना चाहिए बच्चों की स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए उन्हें किसी न किसी रूप में आंवला का सेवन करवाना चाहिए।

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