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तुलसी केे बीजों की महत्ता लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

तुलसी के बीज आधा ग्राम (पीसे हुए ) सादे - केवल कत्था चूना लगाए पान के साथ, नित्य सुबह और शाम खाली पेट खाने से वीर्य पुष्टि एवं एवं रक्त शुद्धि होती है ।जो लोग पान नहीं खाते हैं, वे एक भाग तुलसी के बीज का चूर्ण , उससे दुगना पुराने गुड़ में मिलाकर ले सकते हैं ।इसे 10 से 40 दिन तक लेना चाहिए ।तुलसी के बीज बहुत गर्म होते हैं, इसलिए यह प्रयोग केवल शीतकाल में ही करना चाहिए शीत ऋतु अर्थात दिसंबर जनवरी में इसका प्रयोग करना चाहिए । इसका सेवन करने से नपुंसकता का रोग नाश होता है ,और धातु पुष्ट होता है । आयुर्वेद में 7 धातुओं के नाम इस प्रकार है ~1रस -लाज्मा,2 रक्त- खून या ब्लड, 3- मांस -मांसपेशियां , 4-मेद -वसा या (फैट), 5-अस्थि -हड्डियां , 6-मज्जा- बोन- मेरो , 7-शुक्र -प्रजनन संबंधी ऊतक इंसानों को 'धातु' कहा जाता है और धातु पुष्टि के लिए उपर्युक्त सेवन बताया गया है।

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