लहसुन की एक गांठ में से दो कली लेकर छिलका और झिल्ली उतार लें, दो चम्मच सरसों के तेल में डालकर हल्की आंच पर गर्म करने के लिए रख दें। जब लहसुन जलने लगे और काला पड़ने लगे , तो तेल की कटोरी आगसे उतार कर ,तेल को कपट छान कर लें । निकले हुए गुनगुने तेल को रुई के फाहे से कान में सुहाता सुआता दो-चार बूंद डालने से कान का दर्द दूर हो जाता है ।यदि कान में कीड़ा चला गया है तो वह मर कर अपने आप बाहर निकल आता है और दर्द बंद हो जाता है । यदि कान बहता हो तो लहसुन के साथ नीम की 10-15 पतियों को भी तेल में उबाल लें । इसकी दो बूंद रात में सोने से पहले डालते रहने से कान का जख्म और बहना ठीक हो जाता है।