500 ग्राम दूध में दो स्वच्छ उत्तम छुहारे डालकर उबालें। लगभग आधा रहने पर दो चम्मच मिश्री या खांड मिलाकर पीने लायक दूध ठंडा कर लें । सर्दी में तो केवल छुहारे का दूध मात्र पी लेना पर्याप्त होता है ।छुहारे के सेवन से मांस ,बल ,वीर्य बढ़ता है । छुहारा रक्त बनाता है और शरीर को मोटा करता है ।फेफड़ों और छाती को बल देता है तथा जुकाम कफ में लाभदायक है। कब्ज हटाकर पेट साफ करता है ।आयुर्वेद के अनुसार छुहारा खाने में मधुर और वीर्य बल दायक है ।यह अकेला ही अनेक रोगों को सदैव के लिए दूर करने में समर्थ है वात पित्त दूर करने वाला कब्ज निवारक, नाड़ी बल दायक, ज्वर ,जलन, मस्तिष्क की दुर्बलता ,बार बार उल्टी होना, अतिसार (दस्त)ठीक करता है, खुलकर मूत्र ना आना ,कमर में दर्द आदि का निवारण करने के लिए यह बहुत अधिक सक्षम है।

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