आंवले का मुरब्बा विद्यार्थियों के लिए बहुत फायदेमंद है ।यदि मुरब्बा ना मिले तो केवल हरे आंवले के बारीक टुकड़े करके या कद्दूकस करके शहद के साथ सेवन करना भी लाभप्रद है । इससे पुराने कब्ज, वह पेट के रोगों में भी अभूतपूर्व लाभ होता है आंवला खाने से मस्तिष्क की शक्ति और कार्यक्षमता बढ़ती है चिड़चिड़ापन दूर होता है। इसमें विटामिन सी ए, कैल्शियम, लोहा का अनूठा संगम है। 100 ग्राम आंवले के गुदे में 720 मिलीग्राम विटामिन सी ,15 आइ.यू. विटामिन ए ,50 ग्राम कैल्शियम ,1.2ग्राम लोहा पाया जाता है। आंवला ही एक ऐसा फल है जिसे पकाने या सुखाने पर भी इसके विटामिन नष्ट नहीं होते हैं ।संस्कृत में कहा गया है कि आंवला फल में 100 से भी अधिक गुण होते हैं ,इसीलिए इसे धात्री फल भी कहा जाता है जिस तरह मां के बाद धाई का स्थान बहुत ऊंचा होता है ,वैसा ही गुण इस आंवले में है। प्रत्येक घर में आंवले के मौसम में इसको जूस निकालकर अथवा मुरब्बा बना कर अथवा अन्य किसी भी प्रकार से नित्य प्रति दो से तीन और आंवले का सेवन करना चाहिए बच्चों की स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए उन्हें किसी न किसी रूप में आंवला का सेवन करवाना चाहिए।

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आजकल मधुमेह की बीमारी आम है भारत में 5करोड़ 70 लाख लोग इस बीमारी से ग्रसित हैं ।इस बीमारी के साइड इफेक्ट्स बहुत सारे हैं ,किसी की किडनी खराब हो जाती है ,किसी का लीवर, किसी को ब्रेन हेमरेज और कभी-कभी पैरालाइसिस भी हो जाता है ।मधुमेह या चीनी की बीमारी एक बहुत खतरनाक रोग है इस रोग के मरीजों में रक्त ग्लूकोज स्तर बढ़ा हुआ रहता है, उसकी वजह से आंख, गुर्दा, स्नायु, मस्तिष्क, ह्रदय के क्षतिग्रस्त होने से यह गंभीर ,जटिल और घातक रोग है । इसकी एक आयुर्वेद दवा है जो आप आसानी से घर में बना सकते हैं~~ 100 ग्राम मेथी का दाना, सौ ग्राम करेले का बीज, 150 ग्राम जामुन का बीज ,250 ग्राम बेल के पत्ते (जो शिवजी को चढ़ते हैं), इन सब को धूप में सुखाकर खूब बारीक पीसकर पाउडर बना लें ।इस औषधि के लेने की पद्धति --सुबह नाश्ता करने से 1 घंटे पहले एक चम्मच गर्म पानी के साथ इसे लेना चाहिए, फिर शाम को खाना खाने से 1 घंटे पहले इसका सेवन करना चाहिए। इस प्रकार सुबह-शाम एक-एक चम्मच पाउडर खाना खाने से पहले गर्म पानी के साथ आपको लेना है ।डेढ़- 2 महीने तक अगर आप यह निरंतर दवा लेंगे, तो आपको अपनी बड़ी हुई शुगर की परेशानी में बहुत फायदा मिलेगा। एलोवेरा जूस और करेला जामुन जूस का निरंतर सेवन करने से भी बढ़ी हुई डायबिटीज में बहुत फायदा मिलता है ।इसके अलावा दालचीनी मसाले को बारीक पीसकर सुबह खाली पेट गुनगुने पानी से आधा चम्मच के लगभग लेने से बहुत फायदा होता है। करेले का बीज अथवा करेले का जूस सब तरह से डायबिटीज में बहुत फायदेमंद है ।मेथी को रात में एक चम्मच पानी में भिगो लें तथा सुबह इसके पानी को पीने तथा मेथी को बारीक चबाकर खा लेने से भी यह अत्यंत उपयोगी टिप्स है ।चीनी से बनी हुई चीजों से बहुत परहेज करना करना चाहिए ,गुड इससे ज्यादा फायदेमंद है ।गुड़ का सेवन किया जा सकता है ,परंतु बड़े हुए डायबिटीज में चीनी का सेवन बहुत कम मात्रा में या बिल्कुल ही नहीं करना चाहिए। शुगर के रोगी को ऐसी चीजें ज्यादा खानी चाहिए जिसमें फाइबर हो अर्थात हरी पत्तेदार सब्जियां फल इत्यादि अपने खाने में विशेष रुप से सम्मिलित करना चाहिए ।घी तेल वाली चीजों को कम से कम खाएं ,छिलके वाली दालें मोटा अनाज खाना इसमें अत्यधिक उत्तम है ।रात को खाना सूर्यास्त के पहले खा लेना चाहिए ।जो डायबिटीज आनुवंशिक होती है वह कभी पूरी तरह से ठीक नहीं होती सिर्फ कंट्रोल ही किया जा सकता है ,अतः रोज प्रातकाल उठकर सबसे पहले अपनी डायबिटीज या शुगर लेवल मशीन द्वारा जरूर चेक कर लेना चाहिए इस रोग में जरा भी चूक हमारे लिए अत्यधिक कष्टदाई हो सकती है।

शतावरी को पीसकर कपटछान करके इस चूर्ण को 3 ग्राम (एक चम्मच )की मात्रा से फांककर ऊपर से एक गिलास दूध पीने से वीर्य वृद्धि और वीर्य पुष्ट होकर खूब शक्ति बढ़ती है ।इसे प्रातः एवं रात्रि सोते समय निरंतर 40 दिन से 2 महीने तक सेवन करना चाहिए इस रसायन के सेवन से नेत्र ज्योति बढ़कर चश्मा उतर सकता है शतावरी का सेवन करते समय, बहुत ध्यान से इसके फायदे और नुकसान की जानकारी अवश्य ले लें।