खाने में रिफाइंड तेल का इस्तेमाल ना करें।सरसों का तेल, नारियल का तेल या मूंगफली के तेल का ज्यादा से ज्यादा मात्रा में सेवन करें। खाने में हमेशा सेंधा नमक का प्रयोग करें ,देशी गाय का घी और खाने में छिल्केवाली दालें, छिलके सहित सब्जियां ,छिलके वाले चावल और छिलके सहित गेहूं का आटा इस्तेमाल करें।एल्का- लाइन वस्तुएं जैसे आंवला,एलोवेरा ,गाजर मूली चौलाई ,सरसों आदि का प्रयोग इन रोगों के लिए लाभदायक है मासिक स्राव में किसी भी तरह की गड़बड़ी में 250 ग्राम गर्म पानी में घी पिघला हो तो 3 चम्मच जमा हुआ हो तो एक चम्मच डालकर पीने से लाभ होता है यह पानी मासिक स्राव के दौरान पीना चाहिए। गाय का घी नाक में डालने से एलर्जी खत्म हो जाती है यह दुनिया की सारी दवाइयों से तेज असर डालता है। इसके अलावा हमें खाने में विटामिन ए विटामिन बी विटामिन ई विटामिन डी विटामिन सी का प्रयोग बहुतायत करना चाहिए ।अंडा दूध फल सब्जियां सूखा मेवा अनानास फल मांस आदि सभी चीजों को इस प्रकार खाना चाहिए कि हमारे शरीर में किसी भी प्रकार की विटामिन की कमी ना रहे विटामिन डी ना होने से हमारे शरीर में अवसाद की समस्या बढ़ जाती है संसार में अधिकतर लोग इस समस्या से ग्रस्त हैं जिसके कारण वे डिप्रेशन में रहते हैं ।

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आजकल मधुमेह की बीमारी आम है भारत में 5करोड़ 70 लाख लोग इस बीमारी से ग्रसित हैं ।इस बीमारी के साइड इफेक्ट्स बहुत सारे हैं ,किसी की किडनी खराब हो जाती है ,किसी का लीवर, किसी को ब्रेन हेमरेज और कभी-कभी पैरालाइसिस भी हो जाता है ।मधुमेह या चीनी की बीमारी एक बहुत खतरनाक रोग है इस रोग के मरीजों में रक्त ग्लूकोज स्तर बढ़ा हुआ रहता है, उसकी वजह से आंख, गुर्दा, स्नायु, मस्तिष्क, ह्रदय के क्षतिग्रस्त होने से यह गंभीर ,जटिल और घातक रोग है । इसकी एक आयुर्वेद दवा है जो आप आसानी से घर में बना सकते हैं~~ 100 ग्राम मेथी का दाना, सौ ग्राम करेले का बीज, 150 ग्राम जामुन का बीज ,250 ग्राम बेल के पत्ते (जो शिवजी को चढ़ते हैं), इन सब को धूप में सुखाकर खूब बारीक पीसकर पाउडर बना लें ।इस औषधि के लेने की पद्धति --सुबह नाश्ता करने से 1 घंटे पहले एक चम्मच गर्म पानी के साथ इसे लेना चाहिए, फिर शाम को खाना खाने से 1 घंटे पहले इसका सेवन करना चाहिए। इस प्रकार सुबह-शाम एक-एक चम्मच पाउडर खाना खाने से पहले गर्म पानी के साथ आपको लेना है ।डेढ़- 2 महीने तक अगर आप यह निरंतर दवा लेंगे, तो आपको अपनी बड़ी हुई शुगर की परेशानी में बहुत फायदा मिलेगा। एलोवेरा जूस और करेला जामुन जूस का निरंतर सेवन करने से भी बढ़ी हुई डायबिटीज में बहुत फायदा मिलता है ।इसके अलावा दालचीनी मसाले को बारीक पीसकर सुबह खाली पेट गुनगुने पानी से आधा चम्मच के लगभग लेने से बहुत फायदा होता है। करेले का बीज अथवा करेले का जूस सब तरह से डायबिटीज में बहुत फायदेमंद है ।मेथी को रात में एक चम्मच पानी में भिगो लें तथा सुबह इसके पानी को पीने तथा मेथी को बारीक चबाकर खा लेने से भी यह अत्यंत उपयोगी टिप्स है ।चीनी से बनी हुई चीजों से बहुत परहेज करना करना चाहिए ,गुड इससे ज्यादा फायदेमंद है ।गुड़ का सेवन किया जा सकता है ,परंतु बड़े हुए डायबिटीज में चीनी का सेवन बहुत कम मात्रा में या बिल्कुल ही नहीं करना चाहिए। शुगर के रोगी को ऐसी चीजें ज्यादा खानी चाहिए जिसमें फाइबर हो अर्थात हरी पत्तेदार सब्जियां फल इत्यादि अपने खाने में विशेष रुप से सम्मिलित करना चाहिए ।घी तेल वाली चीजों को कम से कम खाएं ,छिलके वाली दालें मोटा अनाज खाना इसमें अत्यधिक उत्तम है ।रात को खाना सूर्यास्त के पहले खा लेना चाहिए ।जो डायबिटीज आनुवंशिक होती है वह कभी पूरी तरह से ठीक नहीं होती सिर्फ कंट्रोल ही किया जा सकता है ,अतः रोज प्रातकाल उठकर सबसे पहले अपनी डायबिटीज या शुगर लेवल मशीन द्वारा जरूर चेक कर लेना चाहिए इस रोग में जरा भी चूक हमारे लिए अत्यधिक कष्टदाई हो सकती है।