7 दाने बादाम गिरी सायंकाल किसी कांच के बर्तन के जल में भिगो दें। प्रात उनका लाल छिलका उतारकर उसे बारीक पीस लें यदि आंखें कमजोर हो तो साथ ही चार काली मिर्च भी पीस लें इसे उबलते हुए 250 ग्राम दूध में मिलाएं जब उफान आ जाए तो नीचे उतार कर एक चम्मच देशी घी और दो चम्मच चीनी डालकर ठंडा करें । पीने लायक गर्म रह जाने पर इसे आवश्यकतानुसार 15 दिन से 40 दिन तक ले। यह दूध मस्तिष्क और स्मरण शक्ति की कमजोरी दूर करने के लिए अति उत्तम होने के साथ वीर्य बलवर्धक है। यह बादाम का दूध सर्दियों में विशेष लाभप्रद है और दिमाग की मेहनत करने वाले एवं विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है । प्रातः खाली पेट इस दूध को लेने के बाद 2 घंटे तक कुछ न खाएं उपरोक्त बादाम का दूध तीन-चार दिन पीने से आधे सिर के दर्द में आराम होता है बादाम को चंदन की तरह रगड़ने के समान बारीकतम पीसना या खूब चबाकर मलाई की तरफ कोमल बनाकर सेवन करना आवश्यक है इससे बादाम आसानी से हजम हो जाने का पूरा लाभ मिलता है और कम बादाम से भी अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है यदि उपरोक्त तरीके से बादाम का दूध लेना संभव ना हो तो 7 भीगी हुई बादाम की गिरी या छीलकर अथवा वैसे ही 1~1 बादाम को नित्य प्रातः खूब चबा चबाकर खा ले और ऊपर से गर्म दूध पी लें स्मरण शक्ति की वृद्धि के साथ-साथ इससे आंखों के अनेक रोग जैसे आंखों की कमजोरी ,आंखों का थकना ,आंखों से पानी गिरना, आंख आना आदि दूर हो जाते हैं ।

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आजकल मधुमेह की बीमारी आम है भारत में 5करोड़ 70 लाख लोग इस बीमारी से ग्रसित हैं ।इस बीमारी के साइड इफेक्ट्स बहुत सारे हैं ,किसी की किडनी खराब हो जाती है ,किसी का लीवर, किसी को ब्रेन हेमरेज और कभी-कभी पैरालाइसिस भी हो जाता है ।मधुमेह या चीनी की बीमारी एक बहुत खतरनाक रोग है इस रोग के मरीजों में रक्त ग्लूकोज स्तर बढ़ा हुआ रहता है, उसकी वजह से आंख, गुर्दा, स्नायु, मस्तिष्क, ह्रदय के क्षतिग्रस्त होने से यह गंभीर ,जटिल और घातक रोग है । इसकी एक आयुर्वेद दवा है जो आप आसानी से घर में बना सकते हैं~~ 100 ग्राम मेथी का दाना, सौ ग्राम करेले का बीज, 150 ग्राम जामुन का बीज ,250 ग्राम बेल के पत्ते (जो शिवजी को चढ़ते हैं), इन सब को धूप में सुखाकर खूब बारीक पीसकर पाउडर बना लें ।इस औषधि के लेने की पद्धति --सुबह नाश्ता करने से 1 घंटे पहले एक चम्मच गर्म पानी के साथ इसे लेना चाहिए, फिर शाम को खाना खाने से 1 घंटे पहले इसका सेवन करना चाहिए। इस प्रकार सुबह-शाम एक-एक चम्मच पाउडर खाना खाने से पहले गर्म पानी के साथ आपको लेना है ।डेढ़- 2 महीने तक अगर आप यह निरंतर दवा लेंगे, तो आपको अपनी बड़ी हुई शुगर की परेशानी में बहुत फायदा मिलेगा। एलोवेरा जूस और करेला जामुन जूस का निरंतर सेवन करने से भी बढ़ी हुई डायबिटीज में बहुत फायदा मिलता है ।इसके अलावा दालचीनी मसाले को बारीक पीसकर सुबह खाली पेट गुनगुने पानी से आधा चम्मच के लगभग लेने से बहुत फायदा होता है। करेले का बीज अथवा करेले का जूस सब तरह से डायबिटीज में बहुत फायदेमंद है ।मेथी को रात में एक चम्मच पानी में भिगो लें तथा सुबह इसके पानी को पीने तथा मेथी को बारीक चबाकर खा लेने से भी यह अत्यंत उपयोगी टिप्स है ।चीनी से बनी हुई चीजों से बहुत परहेज करना करना चाहिए ,गुड इससे ज्यादा फायदेमंद है ।गुड़ का सेवन किया जा सकता है ,परंतु बड़े हुए डायबिटीज में चीनी का सेवन बहुत कम मात्रा में या बिल्कुल ही नहीं करना चाहिए। शुगर के रोगी को ऐसी चीजें ज्यादा खानी चाहिए जिसमें फाइबर हो अर्थात हरी पत्तेदार सब्जियां फल इत्यादि अपने खाने में विशेष रुप से सम्मिलित करना चाहिए ।घी तेल वाली चीजों को कम से कम खाएं ,छिलके वाली दालें मोटा अनाज खाना इसमें अत्यधिक उत्तम है ।रात को खाना सूर्यास्त के पहले खा लेना चाहिए ।जो डायबिटीज आनुवंशिक होती है वह कभी पूरी तरह से ठीक नहीं होती सिर्फ कंट्रोल ही किया जा सकता है ,अतः रोज प्रातकाल उठकर सबसे पहले अपनी डायबिटीज या शुगर लेवल मशीन द्वारा जरूर चेक कर लेना चाहिए इस रोग में जरा भी चूक हमारे लिए अत्यधिक कष्टदाई हो सकती है।