उच्च रक्तचाप की ठीक करने के लिए घर में उपलब्ध कुछ आयुर्वेदिक दवाइयां है, जो आप ले सकते हैं हमारे घर में दालचीनी , जो मसाले के रूप में उपयोग में लाई जाती है । उसे आप बहुत महीन पाउडर बनाकर आधा चम्मच रोज सुबह खाली पेट गर्म पानी के साथ अथवा दालचीनी को शहद के साथ इसी गर्म पानी के साथ लेने से उच्च रक्तचाप में आराम मिलता है ।मेथी दाना एक चम्मच रात में पानी में भिगो दीजिये प्रातः काल उसका पानी पी ले तथा भीगी मेथी चबाकर खा लीजिए। मेथी का पाउडर बनाकर के भी उस उसे खाली पेट गुनगुने पानी से एक चम्मच सवेरे खा लेने से हाई ब्लड प्रेशर में धीरे-धीरे आराम मिलता है अर्जुन एक पेड़ होता है उस पेड़ की छाल को सुखाकर बारीक पीस लीजिए इसका आधा चम्मच पाउडर पानी में चाय पत्ती की तरह उबालकर छानकर पीने से यह कोलेस्ट्रॉल को ठीक करता है , मोटापा कम करता है और हॉर्ट की धमनियों में कोई रुकावट हो तो उसे दूर करता है ।डॉक्टर अक्सर कहते हैं कि आपका दिल कमजोर है अर्जुन की छाल का काढ़ा पीने से काफी हद तक इस परेशानी से निजात मिलेगी । 5 बेलपत्र लेकर बारीक पीसकर इसकी चटनी बनाइए फिर इसे एक गिलास पानी में डालकर उबालते हुए, जब वह आधा रह जाए तो उसे ठंडा करके पी लीजिए। यह भी उच्च रक्तचाप को ठीक करने में सहायक है ,बेलपत्र से शुगर भी सामान्य होती है ।लौकी का रस भी इसकी बहुत अच्छी दवा है लौकी के रस में पांच पत्ता धनिया पत्र पांच पत्ता पुदीना और तीन-चार काली मिर्च डालकर पीने से भी आराम मिलता है।

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आजकल मधुमेह की बीमारी आम है भारत में 5करोड़ 70 लाख लोग इस बीमारी से ग्रसित हैं ।इस बीमारी के साइड इफेक्ट्स बहुत सारे हैं ,किसी की किडनी खराब हो जाती है ,किसी का लीवर, किसी को ब्रेन हेमरेज और कभी-कभी पैरालाइसिस भी हो जाता है ।मधुमेह या चीनी की बीमारी एक बहुत खतरनाक रोग है इस रोग के मरीजों में रक्त ग्लूकोज स्तर बढ़ा हुआ रहता है, उसकी वजह से आंख, गुर्दा, स्नायु, मस्तिष्क, ह्रदय के क्षतिग्रस्त होने से यह गंभीर ,जटिल और घातक रोग है । इसकी एक आयुर्वेद दवा है जो आप आसानी से घर में बना सकते हैं~~ 100 ग्राम मेथी का दाना, सौ ग्राम करेले का बीज, 150 ग्राम जामुन का बीज ,250 ग्राम बेल के पत्ते (जो शिवजी को चढ़ते हैं), इन सब को धूप में सुखाकर खूब बारीक पीसकर पाउडर बना लें ।इस औषधि के लेने की पद्धति --सुबह नाश्ता करने से 1 घंटे पहले एक चम्मच गर्म पानी के साथ इसे लेना चाहिए, फिर शाम को खाना खाने से 1 घंटे पहले इसका सेवन करना चाहिए। इस प्रकार सुबह-शाम एक-एक चम्मच पाउडर खाना खाने से पहले गर्म पानी के साथ आपको लेना है ।डेढ़- 2 महीने तक अगर आप यह निरंतर दवा लेंगे, तो आपको अपनी बड़ी हुई शुगर की परेशानी में बहुत फायदा मिलेगा। एलोवेरा जूस और करेला जामुन जूस का निरंतर सेवन करने से भी बढ़ी हुई डायबिटीज में बहुत फायदा मिलता है ।इसके अलावा दालचीनी मसाले को बारीक पीसकर सुबह खाली पेट गुनगुने पानी से आधा चम्मच के लगभग लेने से बहुत फायदा होता है। करेले का बीज अथवा करेले का जूस सब तरह से डायबिटीज में बहुत फायदेमंद है ।मेथी को रात में एक चम्मच पानी में भिगो लें तथा सुबह इसके पानी को पीने तथा मेथी को बारीक चबाकर खा लेने से भी यह अत्यंत उपयोगी टिप्स है ।चीनी से बनी हुई चीजों से बहुत परहेज करना करना चाहिए ,गुड इससे ज्यादा फायदेमंद है ।गुड़ का सेवन किया जा सकता है ,परंतु बड़े हुए डायबिटीज में चीनी का सेवन बहुत कम मात्रा में या बिल्कुल ही नहीं करना चाहिए। शुगर के रोगी को ऐसी चीजें ज्यादा खानी चाहिए जिसमें फाइबर हो अर्थात हरी पत्तेदार सब्जियां फल इत्यादि अपने खाने में विशेष रुप से सम्मिलित करना चाहिए ।घी तेल वाली चीजों को कम से कम खाएं ,छिलके वाली दालें मोटा अनाज खाना इसमें अत्यधिक उत्तम है ।रात को खाना सूर्यास्त के पहले खा लेना चाहिए ।जो डायबिटीज आनुवंशिक होती है वह कभी पूरी तरह से ठीक नहीं होती सिर्फ कंट्रोल ही किया जा सकता है ,अतः रोज प्रातकाल उठकर सबसे पहले अपनी डायबिटीज या शुगर लेवल मशीन द्वारा जरूर चेक कर लेना चाहिए इस रोग में जरा भी चूक हमारे लिए अत्यधिक कष्टदाई हो सकती है।