त्वचा या घाव से बहते खून पर फिटकरी पीसकर बुराक देने से खून बहना रुक जाएगा। नीम की हरी पत्तियों को पीसकर उसकी लुगदी बनाकर घाव पर रखकर पट्टी बांधे । गूलर के पत्तों को पीसकर घाव पर कुछ दिनों तक लगाने से घाव शीघ्र ठीक हो जाता है ।चोट वाली जगह पर खाने वाला चूना तथा शहद मिक्स करके लगाने से चोट जल्दी ठीक होती है ।हाथ पैर में फ्रैक्चर से सूजन और दर्द होने पर प्याज को कूटकर उसमें हल्दी और सरसों का तेल मिला लें ।इसे हल्का गर्म करके चोट वाले स्थान पर बांधकर रात भर रहने दे ,चोट के कारण घाव हो गया हो तो वहां घी में कपूर मिलाकर लगाएं । दूब को पीसकर लगाने से भी चोट में लाभ मिलता है ।चार चम्मच सरसों के तेल में 4-5 लहसुन की कलियां व एक चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर धीमी आंच पर हल्का सा गर्म कर लें। इसे चोट वाली जगह पर लगा कर कपड़े से बांध लें। घाव वाली जगह पर फिटकरी को भूनकर लगाएं ,इससे भी घाव जल्दी भरता है। हल्दी व सरसों को मिक्स करके हल्का गर्म कर लें ,इस चोट पर उसके ऊपर अरंड के पत्ते लगाकर बांध देने से भी चोट में लाभ मिलता है ।यदि पत्थर या लकड़ी की चोट से सूजन हुई हो तो, इमली के पत्तों को उबालकर चोट वाली जगह पर लगाकर बांध दें। इसके अलावा चूना व हल्दी को गर्म करके लगाने से भी फायदा होगा। जब कभी शरीर के किसी अंग पर चोट लग जाए तब अदरक को कद्दूकस करके पानी में हल्का सा उबालकर उसी स्थान पर लगाएं । चोट के कारण घाव होने पर 20- 25 नीम की ताजी पत्तियों को तोड़कर पानी के साथ पीस लें और साफ कपड़े से छान लें इसमें चुटकी भर हल्दी डाल दें । फिर इस रस में रुई के फाहे को भिगोकर तवे पर थोड़ा सा घी डालकर गर्म करें , जब वह जलने लगे तो उसे हटा कर थोड़ा सा ठंडा कर घाव पर लगाकर पट्टी बांधे। सेंधा नमक को पानी में डालकर इसमें कपड़े को भिगोकर चोट वाले स्थान पर सेंकने से आराम मिलता है । जहां चोट लगी हो वहां पर अजवाइन पीसकर लगाएं और कपड़े से बांध दें। यदि कोई अंदरूनी चोट लगी हो तो एरण्ड के पत्ते पर सरसों का तेल लगाएं इससे आग में हल्का सेंककर चोट पर लगाकर बांधे ।यदि चोट लगी हुए स्थान से लगातार खून बह रहा हो तो कपड़े को मिट्टी के तेल में भिगोकर बांधे खून का बहना रुक जाएगा । यदि मोच की वजह से सूजन हुई हो , तो सूजन को दूर करने के लिए गुनगुने पानी में फिटकरी मिलाकर मोच वाली जगह पर सिकाई करें । चोट लग जाने पर गेहूं के आटे में सरसों का तेल मिलाकर चोट पर रखकर कपड़े से बांध दें ।सुपर टिप ~~तुलसी के पत्ते को पीसकर चोट पर लगाने से घाव जल्दी भर जाता है।

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आजकल मधुमेह की बीमारी आम है भारत में 5करोड़ 70 लाख लोग इस बीमारी से ग्रसित हैं ।इस बीमारी के साइड इफेक्ट्स बहुत सारे हैं ,किसी की किडनी खराब हो जाती है ,किसी का लीवर, किसी को ब्रेन हेमरेज और कभी-कभी पैरालाइसिस भी हो जाता है ।मधुमेह या चीनी की बीमारी एक बहुत खतरनाक रोग है इस रोग के मरीजों में रक्त ग्लूकोज स्तर बढ़ा हुआ रहता है, उसकी वजह से आंख, गुर्दा, स्नायु, मस्तिष्क, ह्रदय के क्षतिग्रस्त होने से यह गंभीर ,जटिल और घातक रोग है । इसकी एक आयुर्वेद दवा है जो आप आसानी से घर में बना सकते हैं~~ 100 ग्राम मेथी का दाना, सौ ग्राम करेले का बीज, 150 ग्राम जामुन का बीज ,250 ग्राम बेल के पत्ते (जो शिवजी को चढ़ते हैं), इन सब को धूप में सुखाकर खूब बारीक पीसकर पाउडर बना लें ।इस औषधि के लेने की पद्धति --सुबह नाश्ता करने से 1 घंटे पहले एक चम्मच गर्म पानी के साथ इसे लेना चाहिए, फिर शाम को खाना खाने से 1 घंटे पहले इसका सेवन करना चाहिए। इस प्रकार सुबह-शाम एक-एक चम्मच पाउडर खाना खाने से पहले गर्म पानी के साथ आपको लेना है ।डेढ़- 2 महीने तक अगर आप यह निरंतर दवा लेंगे, तो आपको अपनी बड़ी हुई शुगर की परेशानी में बहुत फायदा मिलेगा। एलोवेरा जूस और करेला जामुन जूस का निरंतर सेवन करने से भी बढ़ी हुई डायबिटीज में बहुत फायदा मिलता है ।इसके अलावा दालचीनी मसाले को बारीक पीसकर सुबह खाली पेट गुनगुने पानी से आधा चम्मच के लगभग लेने से बहुत फायदा होता है। करेले का बीज अथवा करेले का जूस सब तरह से डायबिटीज में बहुत फायदेमंद है ।मेथी को रात में एक चम्मच पानी में भिगो लें तथा सुबह इसके पानी को पीने तथा मेथी को बारीक चबाकर खा लेने से भी यह अत्यंत उपयोगी टिप्स है ।चीनी से बनी हुई चीजों से बहुत परहेज करना करना चाहिए ,गुड इससे ज्यादा फायदेमंद है ।गुड़ का सेवन किया जा सकता है ,परंतु बड़े हुए डायबिटीज में चीनी का सेवन बहुत कम मात्रा में या बिल्कुल ही नहीं करना चाहिए। शुगर के रोगी को ऐसी चीजें ज्यादा खानी चाहिए जिसमें फाइबर हो अर्थात हरी पत्तेदार सब्जियां फल इत्यादि अपने खाने में विशेष रुप से सम्मिलित करना चाहिए ।घी तेल वाली चीजों को कम से कम खाएं ,छिलके वाली दालें मोटा अनाज खाना इसमें अत्यधिक उत्तम है ।रात को खाना सूर्यास्त के पहले खा लेना चाहिए ।जो डायबिटीज आनुवंशिक होती है वह कभी पूरी तरह से ठीक नहीं होती सिर्फ कंट्रोल ही किया जा सकता है ,अतः रोज प्रातकाल उठकर सबसे पहले अपनी डायबिटीज या शुगर लेवल मशीन द्वारा जरूर चेक कर लेना चाहिए इस रोग में जरा भी चूक हमारे लिए अत्यधिक कष्टदाई हो सकती है।